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श्रीव्यासतीर्थविरचितम्
न्यायामृतम्
श्रीमधुसूदनसरस्वतीविरचितया अद्वैतसिद्धया
श्रीव्यासरामाचार्यविरचित न्यायामृततरङ्गिणी
श्री पाण्डुरङ्गि आनन्दभट्टारक विरचित न्यायामृतकण्टकोद्धारः श्री श्रीनिवासतीर्थविरचित न्यायामृतप्रकाशः
इति व्याख्यानत्रयेण च सहितम्
Edited by
Prof. K. T. Pandurangi
Formerly, Prof. of Sanskrit, Bangalore University
1994
Published by
Dvaita Vedanta Studies and Research Foundation
Bangalore - 560 004.